Std 9 hindi chapter 10 Rat ka Choukidar swadhyay | 9th Digest Chapter 10
हिंदी तथा
मराठी भाषा में लिखी हुई किसी एक लघुकथा का आकलन करते हुए सुनिए और सुनाइए।
उत्तर:
संगत
का असर
रमन
नाम का एक छोटा लड़का था, जो बहुत ही समझदार और पढ़ाई में होशियार
था। उसके माता-पिता उसकी इस आदत से बेहद खुश रहते थे। लेकिन, पाँचवीं कक्षा में आते ही उसने स्कूल के कुछ ऐसे शरारती लड़कों से दोस्ती
कर ली, जो पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते थे और बात-बात पर झूठ बोलते
थे। धीरे-धीरे रमन के स्वभाव में भी बदलाव आने लगा। वह भी घर पर बहाने बनाने लगा
और उसने पढ़ाई पर ध्यान देना कम कर दिया।
उसकी
माँ ने रमन के बदलते व्यवहार को नोटिस किया। वे समझ गईं कि यह सब गलत संगत का असर
है। उन्होंने रमन को कई बार प्यार से समझाया कि 'बेटा, संगति का हमारे जीवन पर बहुत बड़ा असर पड़ता है, अच्छे
दोस्तों के साथ रहो।' लेकिन रमन पर इसका कोई असर नहीं हुआ;
वह यही सोचता रहा कि उसके दोस्तों में कोई बुराई नहीं है।
एक
दिन रमन के पिताजी बाज़ार से ताजे और सुंदर सेबों की एक टोकरी लेकर आए। रमन को सेब
बहुत पसंद थे। माँ ने टोकरी में से एक सड़ा हुआ सेब निकाला और रमन से कहा, "बेटा, इस सड़े हुए सेब को भी टोकरी के बीच में बाकी
अच्छे सेबों के साथ रख दो।" रमन थोड़ा हैरान हुआ, लेकिन
उसने माँ के कहे अनुसार वह सेब टोकरी में रख दिया।
अगले
दिन सुबह जब रमन सेब खाने के लिए टोकरी के पास गया, तो वह दंग रह
गया। उस एक सड़े हुए सेब की वजह से टोकरी के बाकी सारे अच्छे सेब भी सड़ चुके थे
और उनमें से बदबू आ रही थी। रमन रोते हुए माँ के पास गया और बोला, "माँ, सारे अच्छे सेब खराब हो गए!"
तब
माँ ने मुस्कुराते हुए उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा, "देखा
रमन! ठीक इसी तरह एक सड़ा हुआ सेब पूरी टोकरी को खराब कर देता है। तुम्हारी गलत
संगति वाले दोस्त भी इसी सड़े हुए सेब की तरह हैं, जो
धीरे-धीरे तुम्हारी सारी अच्छाइयों को खत्म कर रहे हैं।"
रमन
को अब माँ की बात पूरी तरह समझ आ चुकी थी कि गलत संगत उसे कैसे बिगाड़ रही थी।
उसने तुरंत अपनी गलती मानी और उसी दिन से गलत लड़कों का साथ छोड़ दिया।
१०. रात का चौकीदार स्वाध्याय | रात का चौकीदार के प्रश्न उत्तर
'परिपाठ' में सप्ताह भर के समाचारपत्रों के मुख्य
मुद्दों का चयन करके वाचन कीजिए।
उत्तर:
· बई की ७ मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, ४५ लोग झुलसे।
· रबड़ी, आइसक्रीम, कुल्फी... सीताफल की खेती से करोड़पति बना किसान।
· देश के युवा पॉलिटिक्स और पॉलिसी पर चर्चा करें इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोले जैन मेमन।
· ४८ घंटे के भीतर गई ३१ जानें, दवा की कमी के आरोप पर क्या है सरकार का रुख?
· अनार छोड़ इस शख्स ने शुरू की केले की खेती, सिर्फ ९ महीने में कमा लिए ९० लाख रुपये।
· अस्पताल में गंदगी देख MP ने डीन से साफ करवाया टॉयलेट।
Rat ka Choukidar class 9 question answer
9th class hindi Rat ka Choukidar
'ट्रैफिक पुलिस' से बातचीत करके उनकी दिनचर्या संबंधी
जानकारी लीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी
और ट्रैफिक पुलिस के बीच संवाद:
विद्यार्थी: नमस्ते
अंकल! मैं नौवीं कक्षा का छात्र हूँ। क्या मैं आपकी दिनचर्या के बारे में कुछ जान
सकता हूँ?
ट्रैफिक
पुलिस: नमस्ते बेटा! हाँ, ज़रूर पूछो।
विद्यार्थी: अंकल, आपकी ड्यूटी सुबह कितने बजे शुरू होती है?
ट्रैफिक
पुलिस: हमारी ड्यूटी सुबह ७ बजे ही शुरू हो जाती है। भारी
ट्रैफ़िक शुरू होने से पहले ही हमें चौराहों पर मुस्तैद होना पड़ता है।
विद्यार्थी: इतनी
झुलसाती धूप, धूल और प्रदूषण में लगातार खड़े रहना तो बहुत मुश्किल
होता होगा?
ट्रैफिक
पुलिस: हाँ बेटा, मौसम चाहे कड़कती धूप
का हो, भारी बारिश का या कड़ाके की ठंड का, हमें रास्ते पर डटे रहना पड़ता है। धूल और हॉर्न के शोर के बीच ८ से १०
घंटे खड़े रहकर यातायात सुचारू रखना ही हमारी मुख्य दिनचर्या है।
विद्यार्थी: आपको
सबसे ज़्यादा ख़ुशी कब मिलती है?
ट्रैफिक
पुलिस: जब लोग नियमों का पालन करते हैं और एम्बुलेंस जैसी
आपातकालीन गाड़ियों को तुरंत रास्ता देते हैं, तब हमारा दिल ख़ुश हो
जाता है।
विद्यार्थी: धन्यवाद
अंकल,
आपकी सेवा को हमारा सलाम!
10 Rat ka Choukidar question answer
अपने परिसर के
चौकीदार द्वारा अच्छा कार्य करने हेतु अभिनंदन करने वाला पत्र लिखिए।
उत्तर:
कृष्णा कुंज
कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी,
शिवाजी नगर,
नाशिक - ४२२००५
८ जुलाई, २०२६
श्री रामबहादुर थापा,
मुख्य चौकीदार,
कृष्णा कुंज
सोसाइटी,
नाशिक।
विषय: रात के
समय तत्परता दिखाकर चोरी की वारदात रोकने हेतु अभिनंदन पत्र।
प्रिय रामबहादुर जी,
कल रात सोसाइटी के ब्लॉक 'सी' में
हुई घटना के बारे में मुझे आज सुबह ही जानकारी मिली। आधी रात को जब पूरी सोसाइटी
गहरी नींद में सो रही थी, तब दो संदिग्ध अज्ञात व्यक्तियों
को परिसर की दीवार लांघते हुए आपने देखा। आपने बिना डरे और बिना कोई समय गंवाए
तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय दिया।
आपने न केवल चोरों का अकेले सामना किया और सीटी बजाकर अन्य लोगों
को सतर्क किया, बल्कि पूरी बहादुरी से उन्हें भागने पर मजबूर कर
दिया। इस दौरान आपके पैर में भी मामूली मोच आई है, जिसके लिए
हमें बेहद खेद है। यदि कल रात आप अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद और जागरूक नहीं होते,
तो सोसाइटी में एक बहुत बड़ी चोरी की घटना घट सकती थी और सदस्यों का
भारी नुकसान हो सकता था।
आपकी इस बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और सजगता के लिए पूरी
कृष्णा कुंज सोसाइटी आपकी अत्यंत आभारी है। आपकी इस सराहनीय सेवा को ध्यान में
रखते हुए सोसाइटी प्रबंधन ने आगामी रविवार की बैठक में आपको सम्मानित करने का
निर्णय लिया है। भविष्य में भी हम आपसे इसी प्रकार की सतर्कता की उम्मीद करते हैं,
परंतु साथ ही हमारा अनुरोध है कि ऐसी किसी भी परिस्थिति में सबसे
पहले अपने साथी गार्ड्स को बुलाएं और अपनी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें।
आपका हितैषी,
के. आर. देशमुख
सेक्रेटरी
(प्रबंधक),
कृष्णा कुंज हा.
सोसाइटी,
नाशिक - ४२२००५
std 9 hindi chapter 10 Rat ka Choukidar question answer | 9th class hindi chapter 10 Rat ka Choukidar question answer
'पुलिस समाज की रक्षक' इस बारे में अपना मत लिखिए।
उत्तर:
'पुलिस समाज की रक्षक' यह कथन पूरी तरह सत्य है।
पुलिस हमारे समाज की सुरक्षा रीढ़ है। जब पूरा देश त्योहार मना रहा होता है या रात
में गहरी नींद में सो रहा होता है, तब पुलिस के जवान सड़कों
पर चौबीसों घंटे तैनात रहकर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वे न केवल
कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं, बल्कि अपराधों को रोकने और
अपराधियों को पकड़ने में अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
किसी
भी आपदा,
दुर्घटना या दंगे की स्थिति में पुलिस सबसे पहले पहुँचकर नागरिकों
की मदद करती है। यद्यपि कुछ व्यक्तिगत कमियों के कारण कभी-कभी उनकी छवि प्रभावित
होती है, परंतु एक सुरक्षित और अनुशासित समाज की कल्पना
पुलिस के बिना असंभव है। वे समाज के सच्चे रक्षक हैं और हमें उनके प्रति सम्मान और
सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
किसी परिचित
सुरक्षा रक्षक से वार्तालाप कीजिए।
उत्तर:
मैं: नमस्ते काका!
बहुत दिनों बाद आप दिन की शिफ्ट में दिखाई दिए। आप कैसे हैं?
सुरक्षा रक्षक: नमस्ते बेटा! मैं
बिल्कुल ठीक हूँ। हाँ, इस महीने मेरी दिन की
ड्यूटी लगी है, इसलिए बस परिसर के चक्कर लगा रहा हूँ और
आने-जाने वालों की एंट्री कर रहा हूँ।
मैं: काका, इस
जलती हुई गर्मी में आप लगातार गेट पर बैठे और खड़े रहते हैं। आपको इतनी लंबी
ड्यूटी में थकान महसूस नहीं होती?
सुरक्षा रक्षक: थकान तो इंसान का
स्वभाव है बेटा, लेकिन जब मैं सोचता हूँ कि इस पूरी
बिल्डिंग के सैकड़ों लोगों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी मुझ पर है, तो मेरी थकान गायब हो जाती है। यह वर्दी पहनते ही मेरे अंदर एक अलग ही
ऊर्जा आ जाती है।
मैं: काका, कभी-कभी
कुछ लोग बिना चाबी के आते हैं या गेट खोलने में दो मिनट की देरी होने पर आप पर
गुस्सा करने लगते हैं, तब आपको कैसा लगता है?
सुरक्षा रक्षक: (मुस्कुराते हुए)
शुरुआत में थोड़ा बुरा लगता था बेटा, लेकिन अब समझ आ गया है
कि हर इंसान का स्वभाव अलग होता है। कुछ लोग जल्दबाज़ी में होते हैं, इसलिए गुस्सा कर देते हैं। मैं शांत रहकर बस अपना फर्ज निभाता हूँ,
क्योंकि गुस्से का जवाब गुस्से से देने पर बात और बिगड़ जाती है।
मैं: आपकी यह सोच सचमुच बहुत बड़ी है,
काका। आप लोग अपनी सुख-चैन छोड़कर हमारी सुरक्षा के लिए मुस्तैद
रहते हैं। आपके इस योगदान के लिए हम सभी सोसाइटी वाले आपके दिल से आभारी हैं।
सुरक्षा रक्षक: बहुत-बहुत धन्यवाद
बेटा! आपकी यह मीठी बातें ही हमारी सबसे बड़ी कमाई हैं। अपना ध्यान रखना और अच्छे
से पढ़ाई करना।
std 9 hindi Rat ka Choukidar question answer | Rat ka Choukidar 9th class hindi question answer
(१) कृतियाँ
पूर्ण कीजिए :
(क) संजाल :
(ख) लिखिए :
उत्तर:
1. चौकीदार द्वारा पैसे
न देने वाले घरों की भी रखवाली करने का कारण- यदि पैसे न
देने वाले के घर चोरी-चोरी की घटना हो जाए तो पुलिस चौकीदार को ही पूछेगी और उस पर
झूठा आरोप लग सकता है। ऐसा उसके साथ पहले भी हो चुका था। इसलिए वह पैसे न देने
वाले घरों की भी रखवाली करता था।
2. चौकीदार की असुरक्षा का कारण- गुंडे बदमाशों से चौकीदार की मारपीट हो जाती है। शरीफ
दिखनेवाले लोग उस पर रोब जताते हैं। इसलिए चौकीदार स्वयं को असुरक्षित महसूस करता
है।
(२) नीचे दिए
गए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
इसी प्रकार के
अन्य पाँच शब्द बनाकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
उत्तर:
(च) रातों में
सड़क पर लाठी ठोंकते, सीटी बजाकर पहरा देने वाला- चौकीदार
(छ) अपनी
जिम्मेदारियाँ तथा कर्तव्य निभाने वाला-. जिम्मेदार
१.
निष्कपट : सैनिक निष्कपट देश की रक्षा करते हैं।
२.
पुलिस : पुलिसथाने से पुलिस आकर चोर को पकड़ कर गई।
३.
असुरक्षित : समाज में बढ़ते अपराधों के कारण लोग स्वयं को असुरक्षित
महसूस करने लगे हैं।
४.
अकेला : जीवन भीड़ से अलग अकेलाही खड़ा है।
५.
मेहनताना : प्रत्येक व्यक्ति को उसकी मेहनत का मेहनताना मिलना
चाहिए।
(३)
घटना के अनुसार वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए :
(त) ऐसा पहले
मेरे साथ हो चुका है साब जी।
(थ) जैसी आप
की इच्छा साब जी।
(द) रात में
अकेले घूमते तुम्हें डर नहीं लगता।
उत्तर:
१. ऐसा पहले
मेरे साथ हो चुका है साब जी।
२. रात में
अकेले घूमते तुम्हें डर नहीं लगता।
३. जैसी आप की
इच्छा साब जी।
(४) 'लूट-डकैती करने वालों ने चौकीदार से मारपीट की' यह
समाचार पढ़कर मन में आए विचार लिखिए।
उत्तर:
किसी
परिसर की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी एक चौकीदार के कंधों पर होती है। यदि वहाँ
कोई अनहोनी या चोरी हो जाए, तो जाँच की सुई सबसे पहले उसी पर घूमती
है, इसीलिए वह अपनी ड्यूटी में रत्ती भर भी लापरवाही नहीं
बरतता। संकट के क्षणों में खतरनाक अपराधियों से पहला सीधा मुकाबला इसी निहत्थे
रक्षक का होता है। लुटेरे अपने रास्ते की रुकावट हटाने के लिए इन मासूम
सुरक्षाकर्मियों पर हिंसक हमला करने और उन्हें गंभीर रूप से घायल करने से भी नहीं
कतराते। अपनी आजीविका के लिए पूरी निष्ठा से फर्ज निभाने वाले इन कर्मियों के साथ
ऐसी क्रूरता करना मानवता के खिलाफ है। समाज और कानून को इन रक्षकों की सुरक्षा के
प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।
9th class hindi chapter 10 Rat ka Choukidar question answer
(१) निम्न
वाक्यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्यपुस्तक से खोजकर
नए अन्य वाक्य बनाइए :-
उत्तर:
प्रस्तुत
पाठ में लेखक ने 'चौकीदार' के माध्यम
से जहाँ इस पेशे से जुड़े लोगों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा
को दिखाया है, वहीं कुछ लोगों की मुफ्तखोरी को दर्शाते हुए
लोगों को जागृत करने का प्रयास किया है।
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