Class 9 Hindi Chapter 7 Doctor Ka Apaharan Question Answer | डॉक्टर का अपहरण स्वाध्याय

Doctor Ka Apaharan 9th Class Hindi Workbook Answers 9th Class Hindi Doctor Ka Apaharan ७. डॉक्टर का अपहरण स्वाध्याय डॉक्टर का अपहरण के प्रश्न उत्तर
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७. डॉक्टर का अपहरण स्वाध्याय | Doctor Ka Apaharan Class 9 Question Answer

    Class 9 Hindi Chapter 7 Doctor Ka Apaharan Question Answer | डॉक्टर का अपहरण स्वाध्याय
    आसपास

    रात्रि में आकाश दर्शन का आनंद लेते हुए अपने अनुभवों का कथन कीजिए :-

    कृति के आवश्यक सोपान :

    • आकाश दर्शन का आयोजन करें।

    • आकाश के ग्रह, तारों की जानकारी प्राप्त कराएँ।

    • प्रकृति का सौंदर्य कहलवाएँ।

    • अनुभव का कथन करके लेखन करने के लिए प्रेरित करें।

    उत्तर:

                २५ फरवरी को भी हम सबने आकाश दर्शन का आयोजन किया। रात होते ही हम जरुरी साहित्य के साथ शहर के बाहर स्थित पहाड़ी पर चढ़ गए। वहां से आकाश बहुत सुंदर दिख रहा था। अंकल ने हमें दिखाई देने वाले कुछ ग्रह, तारों के बारे में जानकारी दी। हमने उन अनोखे ग्रह तारों के पिक्चर कैमरे में कैद कर लिये।

                रात में काले खुले आसमान को एकटक निहारना और टिमटिमाते-चमचमाते सफेद तारों को देखना, दूधिया प्रकाश से भरे चांद को लगातार देखने का अपना ही अलग आनंद है। सारी दुनिया से बेखबर इस सितारों से भरे आसमान को हम निहारते रहें निहारते रहें।


    महाराष्ट्र बोर्ड कक्षा 9 हिंदी डॉक्टर का अपहरण | डॉक्टर का अपहरण पाठ के प्रश्न उत्तर | डॉक्टर का अपहरण वर्कबुक उत्तर

    पठनीय

    डॉ. जयंत नारळीकर जी की विज्ञान संबंधी कोई किताब पढ़िए।


    उत्तर:

     

    संभाषणीय

    'इसरो' (ISRO) के संदर्भ में प्राथमिक जानकारी अंतरजाल से प्राप्त कर आपस में वार्तालाप कीजिए।

    उत्तर:

                इसरो (ISRO) का पूरा नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है, जो भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है। १९६९ में डॉ. विक्रम साराभाई के नेतृत्व में स्थापित यह संगठन, भारत के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास करने और उसके उपयोग से विभिन्न राष्ट्रीय ज़रूरतों को पूरा करने का काम करता है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है और यह संचार, मौसम विज्ञान, पृथ्वी अवलोकन, और वैज्ञानिक मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है.

                संक्षेप में, इसरो भारत की अंतरिक्ष शक्ति है, जो विभिन्न अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

                भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट, १९ अप्रैल १९७५ को सोवियत संघ के रॉकेट की सहायता अन्तरिक्ष में छोड़ा गया था। इसका नाम महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था। इसने ५ दिन बाद काम करना बन्द कर दिया था। किन्तु यह अपने आप में भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।

                इसरो को शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए साल २०१४ के इंदिरा गांधी पुरस्कार से सन्मानित किया गया। मंगलयान के सफल प्रक्षेपण के लगभग एक वर्ष बाद इसने २९ सितंबर २०१५ को एस्ट्रोसैट के रूप में भारत की पहली अंतरिक्ष वेधशाला स्थापित की।


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    सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-


    (१) आकृति पूर्ण कीजिए : ग्रह पर भिन्नता दर्शाने वाले घटक

    ...

    ...

    ...

    ...

    उत्तर:

    ग्रह पर भिन्नता दर्शाने वाले घटक:

    · अंतरिक्ष यान

    · घर

    · कारखाने

    · बाजार

    · बस्तियाँ

    ·  मोटरें


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    (२) 'यदि मैं डॉ. भटनागर की जगह होता/होती' तो ... इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

    उत्तर: 

                डॉक्टर भटनागर एक सेवाभावी डॉक्टर थे। वे मरीजों की देखभाल करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। डॉक्टर भटनागर का अपहरण कर दूसरे ग्रह पर ले जाना उनके साथ अन्याय था। में डॉक्टर भटनागर की जगह होता, तो अपहरण करने वालों से अनुरोध करता कि मैं उनके ग्रह के लोगों की चिकित्सा जरूर करूंगा; पर पृथ्वी के अपने मरीजों और अपने परिवार से भी समय-समय पर मिलने की मुझे छूट दी जानी चाहिए।


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    लेखनीय

    'यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होती/ होता ... ' इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

    उत्तर:

                अंतरिक्ष यात्री बनने का सौभाग्य गिने-चुने लोगों को ही मिलता है। हमारे देश की कल्पना चावला, राकेश शर्मा तथा भारतीय मूल की सुनीता विलियम अंतरिक्ष यात्रा पर जा चुके हैं।

                यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होती, तो मुझे अंतरिक्ष में सफर करने का अनूठा आनंद मिलता। मैं अंतरिक्ष से अपनी सुंदर पृथ्वी देखने का आनंद लेती। ग्रहों और तारों के रहस्यों को खोजती। यह सफर खतरों से भरा हुआ होता, फिर भी मुझे अपने देश के वैज्ञानिकों पर पूरा विश्वास होता कि उनके चलते मेरा बाल भी बाँका नहीं हो सकता था।


    मौलिक सृजन

    'अन्य ग्रहवासी से मेरी मुलाकात' विषय पर संवाद बनाकर लिखिए।

    उत्तर:

    विद्यार्थी : आपका नाम ?

    ग्रहवासी : नाम ? वह क्या होता है? मेरे ग्रह पर नाम-वाम की चीज ही नहीं होती।

    विद्यार्थी : ग्रह? कौन-सा ग्रह ?

    ग्रहवासी : धरती से बहुत दूर 'सुंदर ग्रह'

    विद्यार्थी : आप क्या काम करते हैं?

    ग्रहवासी : कुछ नहीं। हमारे यहाँ कोई कुछ नहीं करता।

    विद्यार्थी : क्यों ?

    ग्रहवासी : बिना काम किए ही हमें सब कुछ मिल जाता है। हमारे मुँह से जो निकलता है, वह सामने तुरंत हाजिर हो जाता है।

    विद्यार्थी : विश्वास नहीं होता! खैर, यह डिब्बे जैसी चीज क्या है?

    ग्रहवासी : हमारा अंतरिक्ष यान। आओ बैठो, तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूँ।... कहाँ रहते हो?

    विद्यार्थी : नागपूर।

    ग्रहवासी : चलो भाई नागपूर।

     

    श्रवणीय

    सौर मंडल के किसी एक ग्रह संबंधी जानकारी प्राप्त कर कक्षा में सुनाइए।

    उत्तर:

    बृहस्पति (गुरु) ग्रह के बारे में जानकारी।

                बृहस्पति ग्रह सूर्य से दूरी अनुसार पांचवा ग्रह है। यह आकार और द्रव्यमान (वज़न) में बाकी सभी ग्रहों से बड़ा है। यह धरती से सूर्य, चाँद और शुक्र के बाद सबसे ज्यादा चमकीला दिखता है। अकेले बृहस्पति का द्रव्यमान (भार) बाकी सभी ग्रहों के कुल द्रव्यमान से ढाई गुना ज्यादा है।

                बृहस्पति का एक दिन बाकी सभी ग्रहों से छोटा होता है। यह केवल ९ घंटे ५५ मिनट में अपनी धुरी के समक्ष एक चक्कर पूरा कर लेता है। बृहस्पति का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के मुकाबले २.४ गुना ज्यादा शक्तिशाली है। इसका अर्थ यह है कि अगर पृथ्वी पर आपका भार ४० किलो है, तो बृहस्पति पर यह ९४ किलो होगा।

     

    पाठ के आँगन में


    (१)  सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-

     

    * सौरमंडल के अन्य ग्रह पर बसे लोगों के चिकित्साशास्त्र में पिछड़े रहने के कारणों की सूची तैयार कीजिए :

      शरीर बहुत मजबूत होना

      उनकी ऊपरी चमड़ी मोटे प्लास्टिक जैसे पदार्थ की बनी होना

      बीमार न पड़ना

     

    (२) 'स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है' इस विषय पर अपने विचार लगभग आठ से दस वाक्यों में लिखिए।

    उत्तर:

    मनुष्य एक चेतन प्राणी है। उसे जीवित रहने के लिए प्राणवायु, जल और भोजन की आवश्यकता होती है। भोजन से स्वास्थ्य बनता है और इसके किसी तत्त्व की कमी के कारण उसे बीमारियाँ भी होती हैं। बीमारियों से स्वस्थ होने के लिए दवाएँ लेनी पड़ती हैं। प्राणियों के लिए यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। वह जल, थल, आकाश किसी स्थान पर हो, स्वास्थ्य की समस्या उसके साथ जुड़ी होती है। जगत में ऐसा कोई जीव नहीं है; जो कभी बीमार न पड़ता हो।

     

    डॉक्टर का अपहरण स्वाध्याय उत्तर | 9वीं हिंदी डॉक्टर का अपहरण प्रश्नोत्तर


    पाठ से आगे

    'उड़न तश्तरी' की संकल्पना अंतरजाल से पढ़कर स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर:

                उड़न तश्तरी आकाश में उड़ती किसी अज्ञात उड़ती वस्तु को कहा जाता है। इस अज्ञात उड़ती वस्तुओं का आकार किसी डिस्क या तश्तरी के समान होता है या ऐसा दिखाई देता है, जिस कारण इन्हें उड़न तश्तरीयों का नाम मिला। कई चश्मदीद गवाहों के अनुसार इन अज्ञात उड़ती वस्तुओं के बाहरी आवरण पर तेज़ प्रकाश होता है और ये या तो अकेले घुमते हैं या एक प्रकार से लयबद्ध होकर। इनमें बहुत गतिशीलता होती है। ये उड़न तश्तरीयाँ बहुत छोटे से लेकर बहुत विशाल आकार की हो सकतीं हैं।

     

    भाषा बिंदू

    निम्न वाक्यों में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर तालिका में लिखिए

    उत्तर:

    (१) श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।

    ने – कर्ता कारक

    पर - अधिकरण कारक

    के - संबंध कारक

     

    (२) उस सी.डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्था की गई।

    को - संप्रदान कारक

    की – संबंध कारक

     

    (३) अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा ।

    से - करण कारक

     

    (४) यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।

    ने - कर्ता कारक

    के लिए - संप्रदान कारक

     

    (५) घर से बाहर गए उन्हें काफी समय हो गया ।

    से - अपादान कारक

     

    (६) हे मानव, मुझे क्षमा कर मैं पृथ्वी से बहुत दूर पहुँच चुका हूँ।

    हे – संबोधन कारक

    से – संबंध कारक

    चिह्न

    नाम

    पाठ के वाक्य

    में

    अधिकरण कारक

    इस पूरे ग्रह में मशीनें ज्यादा और आदमी कम हैं।

    का

    संबंध कारक

    इस ग्रह का नाम विचित्र-सा है।

    के

    संबंध कारक

    यहां के वैज्ञानिकों ने मेरे बारे में सुना।

    का

    संबंध कारक

    तब अस्पताल का चौकीदार उन्हें उठाने आ
    जाता।

    के

    संबंध कारक

    उद्योगों के विकास से मशीनों की संख्या बढ़ रही

    है। इसी कारण ये लोग चिकित्सा में पीछे रह गए।

     

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    रचना बोध

    उत्तर:

                लेखक ने इस कहानी के जरिए विज्ञान की प्रगति के कारण होने वाले उद्योगों के अंधाधुंध विकास, मशीनीकरण में वृद्धि, प्रदूषण के विस्तार, स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों, और जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों के प्रति चेतावनी दी है। इस कहानी के माध्यम से, हमें यह सिखने को मिलता है कि विकास की दिशा में बढ़ते समय हमें पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य की चिंता करते हुए सावधानीपूर्वक कदम उठाने चाहिए।


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