Std 9 hindi chapter 6 Nisarga Vaibhav swadhyay | 9th Digest Chapter 6
Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 6 Questions and Answers
किसी
विषय पर स्वयं स्फूर्त भाषण दीजिए :-
कृति
के लिए आवश्यक सोपान :
•
दस-पंद्रह भिन्न विषयों की चिट बनाइए
•
विद्यार्थियों को चिट पर लिखित विषय पर विचार करने के लिए कुछ समय दें।
• उस
विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए कहें।
उत्तर:
विषय: सोशल मीडिया - आधुनिक युग
का दोधारी तलवार
आदरणीय
निर्णायक मंडल, शिक्षक गण और मेरे प्रिय सहपाठियों, आज मैं आप सभी के समक्ष एक ऐसे विषय पर अपने विचार साझा करने जा रहा हूँ,
जिसने हमारी दुनिया को एक 'ग्लोबल विलेज'
बना दिया है— और वह है सोशल मीडिया।
आज सुबह उठने
से लेकर रात को सोने तक, हमारी उंगलियां स्मार्टफोन की स्क्रीन
पर थिरकती रहती हैं। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि यह तकनीक हमारे जीवन को संवार
रही है या बिखेर रही है?
वरदान के रूप में:
अगर हम सकारात्मक पक्ष देखें, तो सोशल मीडिया सूचनाओं का एक महासागर है।
ज्ञान का
लोकतंत्रीकरण: आज एक गांव में बैठा बच्चा भी यूट्यूब या लिंक्डइन के
जरिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से सीख सकता है।
जुड़ाव: इसने
सात समंदर पार बैठे अपनों को एक वीडियो कॉल की दूरी पर ला खड़ा किया है।
अभिव्यक्ति का
मंच: यह उन लोगों को आवाज देता है जिनकी बातें मुख्यधारा की
मीडिया में दब जाती हैं।
अभिशाप के रूप
में:किंतु, जैसा कि कहा जाता है— "अति सर्वत्र वर्जयेत" (किसी भी चीज़ की अति
बुरी होती है)।
समय की
बर्बादी: रील और शॉर्ट्स के अंतहीन लूप में हम अपना कीमती समय खो
रहे हैं,
जो हमें अपनी पढ़ाई और खेलकूद में लगाना चाहिए।
मानसिक
स्वास्थ्य: 'लाइक्स' और 'कमेंट्स' की संख्या अब हमारी खुशी का पैमाना बन गई
है, जिससे युवाओं में तनाव और हीन भावना (FOMO) बढ़ रही है।
भ्रामक
जानकारी: फेक न्यूज और साइबर बुलिंग जैसे खतरे समाज की शांति भंग
कर रहे हैं।
साथियों, सोशल मीडिया एक चाकू की तरह है। इससे फल भी काटा जा सकता है और हाथ
भी। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग अपनी प्रगति के लिए करते हैं या खुद
को इसके जाल में उलझा देते हैं।
मेरा मानना है
कि हमें तकनीक का स्वामी बनना चाहिए, उसका गुलाम नहीं।
डिजिटल दुनिया में अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज कराएं, लेकिन
वास्तविक दुनिया के रिश्तों और अपनी सेहत की कीमत पर नहीं।
धन्यवाद!
Std 9 Hindi Chapter 6 Nisarga Vaibhav Question Answer Maharashtra Board
निम्न
शब्द पढ़िए। शब्द पढ़ने के बाद जो भाव आपके मन में आते हैं वे कक्षा में सुनाइए।
नदी, पर्वत, वृक्ष, चाँद
उत्तर:
नदी
नदी हमें
हमेशा आगे बढ़ने की सिख देती है। नदी हमेशा आगे की और बहती है। नदी से हमें जीवन
में आगे बढ़ना और कभी हार ना मानना सीखना चाहिए। हमें कर्म में ही विश्वास रखना
चाहिए। फल की इच्छा कभी नहीं करनी चाहिए। किसी के साथ भी भेदभाव न करना चाहिए।
पर्वत
पर्वत देखने
में बहुत ऊँचे लगते है। हमेशा ऊँचाई की तरफ इशारा करते है। हमें पर्वतों को देख कर
हमेशा आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को ऊँचा रखने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
वृक्ष
वृक्ष से हमें
हजारो चिजें मिलती है। वृक्ष सिर्फ देने का काम करता है। वह सिर्फ देना जानता है।
बदले में कोई अपेक्षा नहीं करता। कड़ी धूप हो या जोरों की बारिश सभी मौसम का वृक्ष
डटकर सामना करता है। कभी हार नहीं मानता। हमें भी वृक्ष से ये बाते सिखनी चाहिए।
चाँद
हर दिन समय पर
चाँद आकाश में दर्शन देता है। चाँद को देखकर हमें प्रसन्नता महसूस होती है। मेरे
दादी ने मुझे चाँद की कहानी सुनायी। तब से मै जब भी चाँद की तरफ देखती मेरे दिल में
एक ही खयाल आता है, जीवन में कभी भी घमंड नही करनी चाहिए।
Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions | Lokbharti Chapter 6 निसर्ग वैभव
किसी
कार्यालय में नौकरी पाने हेतु साक्षात्कार देने वाले और लेने वाले व्यक्तियों के
बीच होने वाला संवाद लिखिए।
उत्तर:
साक्षात्कार संवाद
पात्र:
1. श्री
शर्मा: साक्षात्कारकर्ता (मैनेजर)
2. राहुल: नौकरी का
उम्मीदवार
राहुल: (दरवाजे पर धीरे से दस्तक देते हुए) क्या मैं अंदर आ सकता
हूँ, श्रीमान?
श्री शर्मा: जी हाँ, आइए। बैठिए राहुल।
राहुल: धन्यवाद, श्रीमान। (कुर्सी पर बैठते हुए)
श्री शर्मा: राहुल, मैंने आपका आवेदन और बायोडाटा देखा
है। क्या आप मुझे अपने बारे में कुछ विस्तार से बता सकते हैं?
राहुल: निश्चित रूप से, श्रीमान। मेरा नाम राहुल वर्मा है। मैंने हाल ही में
वाणिज्य (Commerce) में स्नातक पूरा किया है। मुझे कंप्यूटर
का अच्छा ज्ञान है और मैंने डेटा एंट्री और ऑफिस मैनेजमेंट का एक डिप्लोमा कोर्स भी
किया है। मैं एक अनुशासित और सीखने के लिए उत्सुक व्यक्ति हूँ।
श्री शर्मा: बहुत अच्छा। राहुल, हमारे कार्यालय में काम का दबाव काफी
रहता है। क्या आप समय सीमा (Deadline) के भीतर काम पूरा करने
में सक्षम हैं?
राहुल: जी श्रीमान, कॉलेज के दौरान मैंने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है जहाँ
समय का पालन बहुत महत्वपूर्ण था। मैं मल्टीटास्किंग में विश्वास रखता हूँ और दबाव
में भी धैर्य के साथ काम कर सकता हूँ।
श्री शर्मा: आपकी सबसे बड़ी ताकत (Strength) क्या है?
राहुल: श्रीमान, मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरी 'अनुकूलन
क्षमता' (Adaptability) है। मैं नई परिस्थितियों और नई
तकनीकों को बहुत जल्दी सीख लेता हूँ। साथ ही, मेरी टाइपिंग
स्पीड और एक्सेल (Excel) पर पकड़ काफी अच्छी है।
श्री शर्मा: और आपकी कोई कमजोरी?
राहुल: कभी-कभी मैं काम को परफेक्शन के साथ करने के चक्कर में थोड़ा ज्यादा समय
ले लेता हूँ, लेकिन अब मैं समय प्रबंधन (Time Management) पर ध्यान दे रहा हूँ ताकि गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहें।
श्री शर्मा: ठीक है राहुल। क्या आपके पास हमारे लिए कोई प्रश्न
है?
राहुल: जी श्रीमान, मैं जानना चाहूँगा कि यदि मेरा चयन होता है, तो कंपनी मुझसे पहले तीन महीनों में किन प्रमुख जिम्मेदारियों की अपेक्षा
करेगी?
श्री शर्मा: यह एक अच्छा प्रश्न है। शुरुआती समय में हम चाहेंगे
कि आप हमारे डेटाबेस को व्यवस्थित करें और पत्राचार (Correspondence) में
टीम की मदद करें। बाकी जानकारी आपको एच.आर. विभाग से मिल जाएगी।
राहुल: धन्यवाद, श्रीमान। आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा।
श्री शर्मा: धन्यवाद राहुल। हम अगले दो दिनों में आपको सूचित
करेंगे। आपका दिन शुभ हो।
राहुल: आपका भी दिन शुभ हो, श्रीमान। (उठकर बाहर जाते हुए)
Textbook Exercise Important Questions and Answers.
(१)
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
(क)
संजाल :
उत्तर:
(ख)
कविता की पंक्तियों को उचित क्रमानुसार
लिखकर
प्रवाह तख्ता पूर्ण कीजिए :
(१)
परिचित मरकत आँगन में !
(२)
अभिशापित हो उसका जीवन ?
(३)
अनिल स्पर्श से पुलकित तृणदल,
(४)
निश्चल तरंग-सी स्तंभित !
उत्तर:
Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 6 | निसर्ग वैभव स्वाध्याय हिंदी ९वी
नीरज
जी द्वारा लिखित कोई कविता यूट्यूब पर सुनिए और उसके केंद्रीय भाव पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
मानव कवि बन
जाता है
तब मानव कवि
बन जाता है!
जब उसको संसार
रुलाता,
वह अपनों के
समीप जाता,
पर जब वे भी
ठुकरा देते
वह निज मन के
सम्मुख आता,
पर उसकी
दुर्बलता पर
जब मन भी उसका
मुस्काता है!
तब मानव कवि
बन जाता है!
कविता
का केंद्रीय भाव :
जब
मानव जीवन में दुख दर्द का सामना करता है तब कोई उसका साथ नहीं देता। सारा संसार
उससे बिछड़ जाता। तब वह अपनों के समीप जाने की कोशिश करता। लेकिन उसके अतिथ के
बर्ताव के कारण कोई भी उसका साथ नहीं देता। तब मानव अपने अंतर्मन में झांककर देखता
और अपने किये गलतियों पर पछताता। वह बिल्कुल अकेला पड जाता। तभी वह अपनी भावनाएं
शब्दों में पिरोता। उसकी भावनाएं कविताओं में तब्दील हो जाती और वह कवी बन जाता।
2.कविता
द्वारा प्राप्त संदेश लिखिए ।
उत्तर:
कविता
में प्रकृति की मोहक सुंदरता का बहुत ही आकर्षक ढंग से वर्णन किया गया है। इसमें
यह दिखाया गया है कि किस तरह से इस धरती पर मौजूद सभी पेड़-पौधे, पहाड़, फूल-फल, झरने और जानवर खुशी
से नाच रहे हैं, जबकि मानव जीवन संघर्ष और दिक्कतों से घिरा हुआ
है, जिसका जिम्मेदार खुद मनुष्य है क्योंकि वह स्वयं तक ही
केंद्रित हो गया है। मनुष्य अपने स्वार्थ में दुनिया के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को
भूल रहा है। इसलिए मनुष्य के मन की परख करना और उसे विश्व के प्रति प्रेम करने और
अपने कर्तव्यों का एहसास कराना अनिवार्य है।
3.कविता
के तृतीय चरण का भावार्थ सरल हिंदी में लिखिए।
उत्तर:
पंक्तिया
:-
फूलों
की ज्वालाएँ
आँखें
करतीं शीतल,
मुकुल
अधर मधु पीते
गुंजन
भर मधुकर दल !
तितली
उड़तीं,
दूर, कहीं पल्लव छाया में
रुक-रुक
गाती वन प्रिय कोयल!
उत्तर
:
रंगीन
फूल आँखों के लिए ठंडक प्रदान करते हैं। मधुमक्खियाँ फूलों की कलियों से रस चूसती
हैं,
जबकि तितलियाँ उनके चारों ओर मंडराती हैं। एक दूर के जंगल में,
एक पेड़ पर बैठी कोयल नई पत्तियों की छाया में बैठकर समय- समय पर
अपनी मीठी आवाज में गाना गाती है।
Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 6 | Nisarga Vaibhav Textbook Questions and Answers
निम्नलिखित
मुहावरे/कहावतों में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए :
उत्तर:
|
क्र. |
मुहावरा / वाक्यांश |
उत्तर के लिए बॉक्स |
|
|
१. |
टोपी | पहनना |
- |
टोपी | पहनना |
|
२. |
कमर | बंद | करना |
- |
[ बोलती ] [ बंद ] [ करना ] |
|
३. |
गेहूँ | गीला | होना |
- |
[आटा ] [ गिला ] [ होना ] |
|
४. |
नाक | की | किरकिरी | होना |
- |
[ आंख ] [ की ] [ किरकिरी ] [ होना ] |
|
५. |
धरती | सर | पर | उठाना |
- |
[ आसमान ] [ सर ] [ पर ] [ उठाना ] |
|
६. |
लाठी | पानी | का | बैर |
- |
[ आग ] [ पानी ] [ का ] [ बैर ] |
उत्तर:
प्रस्तुत कविता में प्राकृतिक सौंदर्य की भव्यता, निसर्ग की उदात्त अनुभूतियाँ, आध्यात्मिक मूल्य, भाषा का प्रभावशाली उपयोग और वर्णनात्मक शैली का दर्शन होता है। कविता पेड़ों, पहाड़ों, हवाओं, सूरज, तारों और पक्षियों की खूबसूरती को बेहद आकर्षक तरीके से पेश करती है। साथ ही, कवि ने मानव स्वभाव में आवश्यक परिवर्तनों और मनुष्य के बदलते चरित्र पर भी अपने विचार साझा किए हैं।
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