Maharashtra State Board Class 9 Hindi Solutions | Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 7
'आपके व्यवहार में शिष्टाचार झलकता है' इस विषय पर
चर्चा कीजिए :-
कृति के
आवश्यक सोपान :
•
विद्यार्थियों से शिष्टाचार संबंधी प्रश्न पूछें
• विद्यार्थी
अपने मित्रों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं बताने के लिए कहें
• विद्यालय के
शिक्षकों से कैसा व्यवहार करते हैं, कहलवाएँ।
• शिष्टाचार
से होने वाले लाभ बताने लिए कहें और उनके शिष्टाचार पर चर्चा कराएँ।
उत्तर:
शिष्टाचार
संबंधी प्रश्न :
(१) आप अपने दोस्तों से कैसे बात करते हैं? क्या आप
कभी चिल्लाते हैं या धीरे से बात करते हैं?
(२) क्या आप अपने शिक्षकों को 'नमस्ते या 'गुड मॉर्निंग' कहते हैं?
(३) जब कोई आपकी मदद करता है, तो आप 'धन्यवाद' कहते हैं?
(४) क्या आप किसी की बात बीच में काटते हैं या धैर्य से सुनते हैं?
Std 9 Hindi Chapter 7 Shishtachar Question Answer Maharashtra Board | Lokbharti Chapter 7 शिष्टाचार Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.
मित्रों
के साथ व्यवहार :
(१) अपने दोस्तों के साथ हमेशा मिल-जुलकर रहें, मदद
करें, और उनकी बातों को ध्यान से सुनें।
(२) झगड़ा करने से बचें और माफी मांगना सीखें।
(३) एक-दूसरे का मज़ाक न उड़ाएं, बल्कि प्रोत्साहित
करें।
शिक्षकों
के साथ व्यवहार:
(१) शिक्षक भगवान के समान होते हैं, उनका आदर करें और
उनका कहना मानें।
(२) कक्षा में चुपचाप बैठें, सवाल पूछें और ध्यान से
सुनें।
(३) शिक्षक से बात करते समय 'आप' और 'जी' लगाकर बोलें।
शिष्टाचार
के लाभ :
(१) सम्मान : शिष्टाचार से आपको दूसरों से सम्मान मिलता है।
(२) दोस्ती : अच्छे व्यवहार से दोस्त बनते हैं और रिश्ते मजबूत होते हैं।
(३) सफलता : जो लोग शिष्टाचार सीखते हैं, वे जीवन में
ज़्यादा सफल होते हैं।
चर्चा के
मुख्य बिंदु:
(१) "शिष्टाचार" का मतलब: अच्छे व्यवहार और manners को शिष्टाचार कहते हैं।
(२) छोटे-छोटे काम: 'नमस्ते, 'धन्यवाद',
'सॉरी' जैसे शब्द शिष्टाचार की शुरुआत हैं।
(३)) आप क्या करेंगे? : आज से आप क्या बदलाव लाएंगे,
इस पर विचार करें।
सूचना के
अनुसार कृतियाँ कीजिए।
(१) गद्यांश में 'हेतू' की बताई गई विशेषताएँ :
उत्तर:
1. चपटी नाक
2. मोटे हाथ
3. बेतरह से दाँत
4. छोटा माथा
(२) ऐसे
प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्दों हों :
१. बरखास्त-
उत्तर: श्रीमती
दिन में दस-दस बार हेतू को नौकरी से क्या करती?
२. हेतू-
उत्तर: किसकी
पीठ मजबूत थी?
9th standard hindi lesson number 7 shishtachar question answer | standard 9th hindi lesson number 7 shishtachar
(३) कारण
लिखिए।
१. रामगोपाल
जी की नौकरों की खोज शिथिल हुई
उत्तर: हेतू घर का काम सँभालने लगा इसलिए रामगोपाल जी की नौकरों की खोज शिथिल हुई।
२. हेतू की
तनख्वाह से कटौती होती.
उतर: यदि हेतू
से किसी चीज का नुकसान होता तो हेतू की तनख्वाह से कटौती होती।
(४) 'नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए'-स्वमत लिखिए।
उत्तर:
घर, दुकान और होटल जैसे अनेक स्थानों पर हजारों-लाखों लोग नौकर के रूप में काम
करते हैं। कई बार उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता और मालिक अपने आप को उनका
पूर्ण स्वामी समझने लगते हैं। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। यदि कोई व्यक्ति अपनी
मजबूरी या रोज़गार के लिए हमारे यहाँ काम करता है, तो इसका
अर्थ यह नहीं कि हम उसके जीवन पर अधिकार समझें।
जो लोग सर्दी-गर्मी और कठिन
परिस्थितियों की परवाह किए बिना हमारे काम में सहायता करते हैं, उनके साथ हमें सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। उन्हें भी
इंसान समझकर आदर, सहानुभूति और सहयोग देना हमारा कर्तव्य है।
मालिक और नौकर के बीच अच्छा व्यवहार होने से कार्य का वातावरण भी अच्छा बनता है और
आपसी विश्वास भी बढ़ता है।
'व्यक्तित्व विकास' संबंधी कोई लेख पढ़िए।
उत्तर:
व्यक्तित्व
विकसित करने और निखारने के लिए आत्मविश्वास बढ़ाना बेहद जरूरी है। जिन लोगों के
पास आत्मविश्वास नहीं होता उनका मनोबल बहुत ही निम्न होता है। वे सदैव शंकित रहते
हैं कि किसी कार्य को कर पाएंगे या नहीं। इसलिए स्वयं के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाना
जरूरी है। आत्मविश्वास अनेक चीजों से प्राप्त होता है जैसे ज्ञान से। जिस तरह वर्ष
भर पढ़ाई करने वाले छात्र को स्वयं पर आत्मविश्वास होता है कि वह परीक्षा में सफल
हो जायेगा।
व्यक्तित्व
विकास के लिए धैर्यशील होना, सकारात्मक विचारों को अपनाना,
सदैव सच बोलना इन गुणों की भी आवश्यकता होती है। बच्चे जो भी पढ़ते
हैं उसका प्रभाव उनके मन और मस्तिष्क पर पड़ता है। अच्छी किताबें सदैव अच्छे मित्र
साबित होते हैं। इसीलिए स्कूल में बच्चों के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा की
कहानियाँ सम्मिलित की जाती हैं, जिससे बच्चों का चारित्रिक
एवं मानसिक विकास हो सके। महापुरुषों की जीवनी पढ़ने से भी व्यक्तित्व का विकास
होता है।
इयत्ता नववी हिंदी स्वाध्याय 7 | इयत्ता 9वी हिंदी लोकभारती
अपने गाँव/शहर
में आए हुए किसी अपरिचित व्यक्ति की मदद के बारे में किसी बुजुर्ग से सुनिए और
अपने विचार सुनाइए।
उत्तर:
एक दिन
हम सब बच्चे एक बरगद के पेड़ के निचे खेल रहे थे। तभी मेरे दादाजी वहाँ आये। हम सब
बच्चे दादाजी के पास बैठ गये और दादाजी कहानी सुनाओ दादाजी कहानी सुनाओ चिल्लाने
लगे। तभी दादाजी बोले आज मै तुम्हे एक सच्ची कहानी बताउंगा, जो हमारे गाँव की है। दादाजी बताने लगे। एक दिन हमारे गाँव में एक अपरिचित
व्यक्ति आया। वह आदमी बहुत परेशान दिख रहा था। गाँववालों ने उसके बारे में जानने
की कोशीश की तब पता चला वह आदमी दूर गाँव का रहने वाला है और रास्ते में किसी ने
उसे लूट लिया।
अब उसके पास
घर जाने के लिए पैसे भी नहीं थे और उसे जोरों की भूख भी लगी थी। हम गाँववालों नें
पहले उसे खाना खिलाया। बाद में हम सब ने मिलकर कुछ पैसे जमा किये और उसे दे दिये।
दादाजी की बातें सुनकर मेरे दिल में खयाल आया। कहीं वह आदमी झूठ तो नहीं बोल रहा
था। मैंने
दादाजी से
कहाँ,
आपको कैसे पता चला कि वह आदमी सच बोल रहा था या झूठ। आज के जमाने
में पैसों के लिए लोग अक्सर ऐसी झूठी कहानी बनाते हैं। तब दादाजी बोले, नहीं वह आदमी सच बोल रहा था। उसकी आँखे सच बोल रही थी।
उसके साथ सच
में धोका हुआ था। हमनें उसके चोरी की फरियाद पुलिस थाने में भी दी। दो महीने बाद
उसका सारा सामान और पैसें बरामद हुए। हमनें उस आदमी पर भरोसा रख के, उसकी मदद की इसलिए वह जल्द अपनें घर जा सका।
बैंक / डाकघर
में जाकर वहाँ के कर्मचारी एवं ग्राहकों के बीच होने वाले व्यवहारों का निरीक्षण
कीजिए तथा उन व्यवहारों के संबंध में अपनी उचित सहमति या असहमति प्रकट कीजिए।
उत्तर:
मै एक दिन
बैंक में गयी। बैंक में बहुत भीड़ थी। कुछ लोग बैंक में खाता निकलवाने आये थे तो
कुछ लोग पैसों का व्यवहार कराने। कुछ लोग शहर से थे तो कुछ लोग गाँव से, कुछ पढ़े लिखे तो कुछ अनपढ़। लेकिन बैंक के कर्मचारियों का सभी के साथ
समान वर्तन था। सभी कर्मचारी सभी ग्राहकों के साथ अच्छे से पेश आ रहे थे। बैंक
व्यवहार करने के लिए ग्राहकों की मदत कर रहे थे, ग्राहकों को
उचित सलाह देने का प्रयास कर रहे थे।
Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 7 शिष्टाचार Textbook Questions and Answer
(१) सूचना के
अनुसार कृति पूर्ण कीजिए :-
(क) संजाल –
(ख) विधानों
के सामने दी हुई चोखट में सत्य/असत्य लिखिए :-
१. अगले दिन
श्रीमती ने अपना ट्रंक खोलकर अपनी चीजों की पड़ताल शुरू की।
उत्तर: सत्य
२. सहसा हेतू
की आँखों में आँसू आ गए।
उत्तर: सत्य
(ग) श्रीमती
के नौकरों के बारे में विचार –
उत्तर:
1. झुठे
2.गलीज
3.लंपट
निम्नलिखित
मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :
उत्तर:
मुद्दों का
उचित क्रम
एक लड़का
....... शहर के महाविद्यालय में पढ़ना......... छुट्टियों में गाँव आना .......
प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामना करना ......... मन में निश्चय ......... लोगों
का हँसना .... एक मित्र का साथ ........ कुआँ खोदने का प्रारंभ. ..............
लोगों का जुड़ना .......... कुआँ तैयार होना.......... लोगोंका खुश होना..................
सीख शीर्षक।
कथा शीर्षक:
दृढ़ निश्चय की जीत
एक लड़का शहर के महाविद्यालय में पढ़ता था। वह पढ़ाई के लिए शहर में रहता था, लेकिन छुट्टियों में हमेशा अपने गाँव आया करता था। हर साल जब वह गाँव आता, तो एक ही समस्या देखकर दुखी हो जाता था—गाँव में पानी की बहुत कमी रहती थी और लोगों को सूखे की समस्या का सामना करना पड़ता था।
यह स्थिति देखकर उस लड़के के मन में एक दिन निश्चय हुआ कि वह इस समस्या का कोई समाधान करेगा। उसने सोचा कि यदि गाँव में एक कुआँ खोद दिया जाए, तो लोगों को पानी की समस्या से काफी राहत मिल सकती है।
जब उसने अपने इस विचार के बारे में गाँव के लोगों को बताया, तो बहुत से लोग उस पर हँसने लगे। उन्हें लगा कि एक अकेला लड़का इतना बड़ा काम कैसे कर सकता है। लेकिन उस लड़के ने हिम्मत नहीं हारी। उसके एक सच्चे मित्र ने उसका साथ दिया और दोनों ने मिलकर कुआँ खोदने का काम शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे गाँव के कुछ लोगों को भी लगा कि यह काम अच्छा है। वे भी उनकी मदद के लिए आगे आए। देखते ही देखते कई लोग उस काम में जुड़ गए और सबके सहयोग से कुछ ही समय में कुआँ तैयार हो गया।
कुआँ बनने के बाद गाँव में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो गई। गाँव के लोग बहुत खुश हुए और उस लड़के की प्रशंसा करने लगे।
सीख:
दृढ़ निश्चय
और मेहनत से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। यदि एक व्यक्ति भी सच्चे मन से
प्रयास करे, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
class 9th hindi chapter 7 shishtachar question answer | class 9 hindi chapter 7 shishtachar question answer
'मानवता ही श्रेष्ठ धर्म है' विचार को अपने शब्दों
में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
‘मानवता ही श्रेष्ठ धर्म है’ इस विचार का अर्थ है कि सभी मनुष्यों के प्रति
प्रेम, दया, करुणा और सहानुभूति रखना
ही सबसे बड़ा धर्म है। दुनिया में अनेक धर्म और मत हैं, लेकिन
उन सभी का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को अच्छा बनाना और दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार
करना है।
यदि
कोई व्यक्ति सभी लोगों के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार करता है, दुखी और जरूरतमंद लोगों की सहायता करता है, तो वही
सच्चे अर्थों में मानवता का पालन करता है। किसी की जाति, धर्म
या स्थिति देखकर भेदभाव करना सही नहीं है। हमें हर व्यक्ति को इंसान समझकर उसकी
मदद करनी चाहिए।
इस
प्रकार,
जब हम प्रेम, दया और सहानुभूति के साथ दूसरों
के साथ व्यवहार करते हैं, तभी हम सच्चे धर्म का पालन करते
हैं। इसलिए कहा जाता है कि मानवता ही सबसे बड़ा और श्रेष्ठ धर्म है।
दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए :-
उत्तर
:
'शिष्टाचार' कहानी के जरिए साहनी जी ने पति-पत्नी और नौकर-मालिक
के बीच के संबंधों, उनके एक दूसरे के प्रति नजरिये, नौकर की अपने मालिक के प्रति कर्तव्यनिष्ठा, और
अनजाने में किए गए कामों के लिए पछतावे को बहुत ही रोचक और भावपूर्ण तरीके से
उजागर किया है।
***************
.webp)




