Class 9 Hindi Chapter 4 Sindhu ka Jal Question Answer | ९वी हिंदी सिंधु का जल स्वाध्याय

Lokbharti Chapter 4 सिंधु का जल Textbook Exercise Important Questions and Answers. Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 4 सिंधु का जल Questions
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Std 9 hindi chapter 4 Sindhu ka Jal swadhyay  | 9th Digest Chapter 4

 

Lokbharti 9th Std Digest Chapter 4  Sindhu ka Jal Textbook Questions and Answers


आसपास

नदी के जल-प्रदूषण पर चर्चा कीजिए :-

कृति के आवश्यक सोपान :

• विद्यार्थियों से उनके परिवेश की नदी का नाम पूछें। • उस नदी के उद्गम-स्थल का नाम जानें।

• नदी के जल का उपयोग किन कामों के लिए होता है, बताने के लिए कहें।

• नदी की वर्तमान स्थिति और सुधार के उपाय पर चर्चा कराएँ।

उत्तर:

जल हमें प्रकृति के विभिन्न स्रोतों जैसे नदी, झरने, झीलों आदि से प्राप्त होता है। इन सबमें नदी हमारे लिए अति विशिष्ट स्थान रखती है। मानव सभ्यता का विकास इन्हीं नदी के किनारे हुआ है और हमने भी उसे माँ का दर्जा दिया है परंतु नदियों में इतना प्रदूषण बढ़ गया है पूरे विश्व नदियों के प्रदूषण को एक भयंकर समस्या के रूप में देखा जा रहा है। मानवीय गतिविधियों के कारण नदियों के जल में प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। नदियों में कल-कारखानों की गंदगी को बहाकर लगातार प्रदूषित किया जा रहा है।


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संभाषणीय

'जल ही जीवन है' विषय पर कक्षा में गुट बनाकर चर्चा कीजिए।

उत्तर:

इस संसार में मानव, पशु पक्षियों को जीवन जीने के लिए जो चीज सबसे जरूरी है वो है हवा और पानी। दोनों के बिना इस पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। पानी जिसे हम जल भी कहते हैं इसे जीवन भी कहा जाता है क्यूंकी हमारे शरीर में ७० प्रतिशत भाग जल है। बिना जल के ना तो मनुष्य जी सकता है और ना ही अन्य प्राणी। जल है तो कल है यही सोच रखते हुये हमें उसका मूल्य समझना होगा और उसे व्यर्थ करने से बचना होगा। आज हम देखते हैं जगह-जगह जल की कमी के कारण लोग परेशान हैं, सिर्फ लोग ही नहीं अन्य प्राणी भी जल की कमी से ग्रसित हैं। जिस तरह से हम आधुनिकता की अंधी दौड़ में भटक रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं उसकी वजह से आनेवाले समय में धीरे धीरे नदियाँ, तालाब, नहरें सब सूख जाएँगे और विश्व गहरे जल संकट में फंस जाएगा। जल को जीवन के समान समझकर हमें उसका संरक्षण करना होगा और अधिक से अधिक जल का संचय करना होगा। वर्षा के समय बहुत सारा जल समुद्र में चला जाता है। यह हमें रोकना चाहिए और उस जल को संचित करना चाहिए, तभी हमारी आने वाली पीढ़ी जल के संकट से बाहर आ पाएगी।

 

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पठनीय

रवींद्रनाथ टैगोर की कोई कविता पढ़कर ताल और लय के साथ उसका गायन कीजिए।

उत्तर:

जहाँ मन भय से मुक्त हो

जहाँ मन भय से मुक्त हो,
और मस्तक ऊँचा रहे।

जहाँ ज्ञान स्वतंत्र हो,
और दुनिया संकीर्ण दीवारों से बँटी न हो।

जहाँ शब्द सत्य की गहराई से निकलते हों,
और कर्म पूर्णता की ओर बढ़ते हों।

जहाँ बुद्धि की स्वच्छ धारा
मृत परंपराओं की रेत में न खो जाए।

हे प्रभु! उस स्वतंत्रता के स्वर्ग में
मेरे देश को जागृत कर।

 

श्रवणीय

अंतरजाल/यू ट्यूब से 'जल संधारण' संबंधी जानकारी सुनकर उसका संकलन कीजिए।

उत्तर:

1. जल संधारण क्या है

जल संधारण का अर्थ है पानी को बचाना, उसका सही उपयोग करना और भविष्य के लिए सुरक्षित रखना। पृथ्वी पर जीवन के लिए पानी अत्यंत आवश्यक है, इसलिए जल का संरक्षण करना बहुत जरूरी है।

 

2. जल संधारण का महत्व

  • जल के बिना मानव, पशु-पक्षी और पौधों का जीवन संभव नहीं है।
  • बढ़ती जनसंख्या और उद्योगों के कारण पानी की मांग बढ़ रही है।
  • जल संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है।

 

3. जल संधारण के प्रमुख उपाय

(1) वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)

  • बारिश के पानी को इकट्ठा करके टैंक या जमीन में संग्रह करना।
  • इससे भूजल स्तर बढ़ता है और पानी की कमी कम होती है।

(2) तालाब और जलाशय बनाना

  • तालाब, झील और बांध बनाकर पानी को संग्रहित किया जाता है।
  • यह पानी खेती और अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।

(3) ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation)

  • इस विधि में पौधों की जड़ों तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी दिया जाता है।
  • इससे पानी की बर्बादी कम होती है और फसल उत्पादन बढ़ता है।

(4) पानी का पुनः उपयोग (Recycling)

  • इस्तेमाल किए गए पानी को साफ करके बगीचे या अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।

(5) घरेलू स्तर पर पानी बचाना

  • नल खुला न छोड़ना
  • रिसते हुए नल ठीक करना
  • जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करना


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कल्पना पल्लवन

'मैं हूँ नदी' इस विषय पर कविता कीजिए।

उत्तर:

मैं हूँ नदी, निर्मल धारा,
पहाड़ों से आई प्यारी धारा।
कल-कल करती बहती जाती,
धरती की प्यास बुझाती जाती।

मैं खेतों को हरियाली देती,
फूलों को खुशबू सी देती।
पशु-पक्षी सब मुझसे जीते,
मेरे जल से जीवन सींचते।

कभी शांत, कभी मैं तेज,
लेकर चलती जीवन का सेज।
सबको देती निर्मल पानी,
यही है मेरी सच्ची कहानी।

मुझको स्वच्छ तुम रख लेना,
गंदा जल मुझमें न देना।
तभी सदा मैं बहती रहूँगी,
धरती को हरियाली दूँगी।

पाठ के आँगन में

(१) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-

 

(क)आकृति पूर्ण कीजिए :

उत्तर:

 

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(ख) पूर्ण कीजिए :-


पावन जल स्नान करने वालों से नहीं पूछता -

उत्तर:

१. उनकी जात

२. उनका मजहब

३. उनका धर्म


(२) भारत के मानचित्र में अलग-अलग राज्यों में बहने वाली नदियों की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर तालिका में लिखिए :

उत्तर:



(३) पाठ से ढूँढ़कर लिखिए :

(च) संगीत- लय निर्माण करने वाले शब्द।

उत्तर:

प्रवाहमान- पहचान

हलचल- कलकल

धर्म- मर्म

दुश्मन- हिंदुअन

 

(छ) भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए और ऐसे अन्य दस शब्द ढूढ़िए।

 

१) अलि – भौंरा

अली- सखा

 

२) अवधि- निश्चित समय

अवधी- अवध की भाषा

 

३) कुल - वंश

कूल- किनारा

 

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पाठ से आगे

'नदी जल मार्ग योजना' के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

जल मार्ग के लिए परिवहन मार्गों का निर्माण नहीं करना पड़ता। इसलिए सड़क और रेल परिवहन की तुलना में जल मार्ग यातायात का सबसे सस्ता मार्ग है। इसीलिए भारत सरकार ने देश की अन्य नदियों को जल मार्ग में परिवर्तित करने की योजना बनाई है।

केन्द्र सरकार ने १०१ नदियों को राष्ट्रीय जलमार्ग में तब्दील करने की योजना को हरी झण्डी दे दी है। केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस सम्बन्ध में कानून बनाने को मंजूरी दे दी गई है। अभी तक देश में सिर्फ पाँच राष्ट्रीय जलमार्ग हैं। अब देश की बाकी नदियों को जलमार्ग में बदला जा रहा है।

नदियों को जलमार्ग में बदलने की योजना से हमारे देश की कुछ आर्थिक प्रगति भले ही हो जाए, लेकिन नदियों की जैव विविधता नष्ट हो जाएगी। जल के प्राकृतिक तन्त्र और जलीय जीव, वनस्पतियों पर इसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।

 

भाषा बिंदू

(१.) प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए:-

 

(क) जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।

उत्तर : हटाना- प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया

वाक्य : सड़क के बीचोंबीच बंद पड़े ट्रक को लोगों ने वहाँ से हटाना शुरू किया।

 

(ख) महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित

होने से 'उम्मेद भवन' कहलवाया जाता है।

उत्तर: कहलवाया - द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया

वाक्य : विद्यालय की प्रार्थना सभा में सभी बच्चों से 'जयहिंद' कहलवाया गया।

 

(२.) सहायक क्रिया पहचानिए :-

 

(च) हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।

उत्तर : सहायक क्रिया : लगे

मूल रूप : लगना

 

(छ) काँच का कार्य पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर देता है।

सहायक क्रिया : देता है

मूल रूप : देना, होना

 

(त) होना

उत्तर : होना- भरत ने कहा होगा।

 

(थ) पड़ना

उत्तर: पड़ना - सभी जसवंत थंडा नाम से विख्यात स्मारक देखने चल पड़े।

 

(द) रहना

उत्तर: रहना- मीरा हमेशा यही कहती रहती।

 

(ध) करना

उत्तर : करना - हम हर क्षेत्र में अपना हुनर दिखाया करेंगे।

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रचना बोध

उत्तर:

चक्रधर जी ने अपनी कविता के माध्यम से सभ्यता, संस्कृति, मानवता, सभी धर्मों के प्रति समान भाव, और परदुःख कातरता पर सहानुभूति जैसे मानवीय मूल्यों की व्याख्या की है।


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