Class 9 Hindi Chapter 1 Kah Kaviray Question Answer | कह कविराय स्वाध्याय

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 1 Questions and Answers Std 9 Hindi Chapter 1 Kah Kaviray Question Answer Maharashtra Board Maharashtra State
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Std 9 hindi chapter 1 kah kaviray swadhyay  | 9th Digest Chapter 1

Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 1 Questions and Answers Std 9 Hindi Chapter 1 Kah Kaviray Question Answer Maharashtra Board Maharashtra State

संभाषणीय

विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है, स्पष्ट कीजिए :-

कृति के लिए आवश्यक सोपान :

·       विद्यार्थियों से उनके मित्रों के नाम पूछें।

·       विद्यार्थी किसे अपना सच्चा मित्र मानते हैं, बताने के लिए कहें।

·       किन-किन कार्यों में मित्र ने उनकी सहायता की है, पूछें। 

·       विद्यार्थी


अपने-अपने मित्रों के सच्चे मित्र बनने के लिए क्या करेंगे, बताने के लिए प्रेरित करें।

उत्तर :

विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है। जीवन की यात्रा में एक सच्चा मित्र होना अत्यंत आवश्यक है। एक अच्छा दोस्त हमारे जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनता है, जिसकी आवश्यकता हमें बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक हर चरण में महसूस होती है। सच्चा मित्र वही है जो कठिन परिस्थितियों में हमारे साथ खड़ा रहता है और हर समस्या में हमारा सहयोग करता है।

सुख, समृद्धि और वैभव के समय तो अनेक लोग मित्रता का हाथ बढ़ा देते हैं, लेकिन संकट की घड़ी में जो साथ निभाए, वही वास्तविक मित्र कहलाता है। इसलिए मित्र चुनते समय जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए। प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात ने भी कहा है, मित्रता करने में शीघ्रता मत करो, परंतु जब करो तो उसे अंत तक निभाओ।

किसी व्यक्ति की बाहरी आभा, मीठी वाणी या आर्थिक स्थिति देखकर ही उसे अपना मित्र बना लेना उचित नहीं है। सच्ची मित्रता विश्वास, त्याग और निस्वार्थ भाव पर आधारित होती है।

 

Lokbharti Chapter 1 कह कविराय | Textbook Exercise Important Questions and Answers.


सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

1. संजाल :

Std 9 hindi chapter 1 kah kaviray swadhyay  | 9th Digest Chapter 1


उत्तर:

Std 9 Hindi Chapter 1 Kah Kaviray Question Answer Maharashtra Board Maharashtra State


Hindi Lokbharti 9th Digest Chapter 1 | कह कविराय Questions And Answers

(२) उत्तर लिखिए :


(क) अपना शीस इसके लिए आगे करना चाहिए तो इसकी प्राप्ति होगी

उत्तर: अपना शीश दूसरों की भलाई के लिए (परोपकार के लिए) आगे करने पर मोक्ष की प्राप्ति होगी।

 

(ख) बड़ों के द्वारा दी गई सीख-

उत्तर: व्यक्ति को सत्य के मार्ग पर चलते समय अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखनी चाहिए।

 

(३) 'हाथ' शब्द पर प्रयुक्त कोई एक मुहावरा लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर:

हाथ शब्द पर प्रयुक्त मुहावरा - हाथ पाँव मारना।

अर्थ- प्रयास करना/ कोशिश करना

वाक्य - जीवन में सफलता पाने के लिए हाथ पैर मारना अति आवश्यक है।

 

(४) 'खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं' इसपर अपना मत स्पष्ट कीजिए।

उत्तर

            सच ही कहा गया है कि खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं। खुशियाँ संपत्ति की भाँति होती है। जिस प्रकार हम अपनी संपत्ति का जितना दान करते हैं उतनी वह बढ़ती रहती है । ठीक उसी प्रकार हम जितनी खुशियाँ लोगों में बाँटेंगे, उतनी ही मात्रा में वह बढ़ती है। अगर आप किसी की आँखों में दर्द देखते हो, तो उसके साथ अपने आँसुओं को बाँटो। अगर आप किसी की आँखों में मुस्कान देखते हो, तो उसके साथ अपनी खुशियों को बाँटो। आपको परमसुख की अनुभूति होगी।

            आपका मन प्रसन्न एवं प्रफुल्लित हो जाएगा जिस कारण आपकी खुशियाँ दुगुनी हो जाएगी। मदर टेरेसा जी ने सभी दीन दुखी अनाथ बालकों के जीवन में खुशियाँ भर दी तो संसार ने उन्हें ‘नोबेल पुरस्कार’ देकर उनकी खुशियों को दुगुना कर दिया। अतः स्पष्ट है कि खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं।

 

Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 1 | कह कविराय Textbook Questions and Answers


श्रवणीय



संत कबीर तथा कवि बिहारी के नीतिपरक दोहे सुनिए और सुनाइए।

उत्तर:


संत कबीर

(१) बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो मन खोजा अपना, मुझ-सा बुरा न कोय।

(२) काल्ह करै सो आज कर, आज करै सो अब्ब।

पल में परलै होयगी, बहुरि करैगो कब्ब।।

(३) अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप।

अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।


कवि बिहारी

(१) बढत-बढत संपत्ति-सलिल मन-सरोज बढि जाय

घटत-घटत पुनि ना घटे बरु समूल कुमलाय।।

(२) अपने अपने मत लगे, वाद मचावत शोर।

ज्यों त्यों सेवो सबहिं को, एकै नंदकिशोर।।

(३) दीरघ साँस न लेइ दुख, सुखसाईं मति भूल।

दई दई कत करत है, दई दई सुकुबूल।।

 

पठनीय
मीरा का कोई पद पढ़िए ।

उत्तर:

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई।

जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।

अर्थ: मीरा कहती हैं, "मेरे तो बस श्रीकृष्ण हैं, जिन्होंने पर्वत

को उँगली पर उठाकर गिरधर नाम पाया। उनके अलावा मैं

किसी को अपना नहीं मानती। जिनके सिर पर मोर के पंख

का मुकुट है वही मेरे पति हैं।"

 

आसपास

प्रश्न 1.
भक्तिकालीन, रीतिकालीन कवियों के नाम और उनकी रचनाओं की सूची तैयार कीजिए।

उत्तर:


भक्तिकालीन कवियों के नाम और उनकी रचनाएँ:

(1) कबीर - साखी

(2) रैदास - रविदास की बानी

(3) गुरु नानक- जपुजी

(4) हरिदास निरंजनी- हंस प्रबोध

(5) मलूकदास - ज्ञानदीप

(6) सुन्दरदास- ज्ञान विलास

 (7) दादू दयाल- अंगवधू

 

रीतिकालीन कवियों के नाम और उनकी रचनाएँ:

1)   केशवदास - रामचन्द्रिका

2)   चिंतामणि - रसमंजरी

3)   मतिराम - फूलमंजरी

4)   भूषण - शिवराज भूषण

5)   अमीरदास - अमीर प्रकाश

6)   श्रीपती - सरोजकलिका

 

कल्पना पल्लवन
गुन के गाहक सहस नर’ इस विषय पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
:

गुणी व्यक्ति की सर्वत्र पूजा होती है। ठीक ही कहा गया है ‘विद्वान सर्वत्र पूज्यते’ गुणी व्यक्ति को हमेशा सम्मान मिलता है और हजारों व्यक्ति उसकी चर्चा करते हैं। उसकी सर्वत्र चर्चा होती है। सभी गुणी व्यक्ति का साथ चाहते हैं क्योंकि उसके साथ रहने से गुणहीन व्यक्ति भी गुणी बन जाता है। गुणी व्यक्ति लोगों को संकट की घड़ी से बाहर निकालते हैं। समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करते हैं। जीवन में सही क्या और गलत क्या इसका एहसास कराते हैं। गुणी व्यक्ति अपने महकते चरित्र से सभी के जीवन को सुगंधित कर देते हैं। वह दूसरों के व्यक्तित्त्व में निखार लाते हैं। गुणी व्यक्ति से प्रेरणा पाकर सामान्य लोग अपना विकास कर लेते हैं। अत: गुणी व्यक्ति के सहस्र ग्राहक होते हैं।


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लेखनीय


सामाजिक मूल्यों पर आधारित पद, दोहे, सुवचन आदि का सजावटी सुवाच्य लेखन कीजिए।

उत्तर:

(१) मानवता में ही सज्जानता निहित है।

(२) अहिंसा परमो धर्म।

(३) न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।

(४) स्वतंत्रता हमारा अधिकार है।

(५) सच्चाई में ही सफलता निहित है।

(६) ज्ञान की पुस्तक में ईमानदारी पहला अध्याय है।

७) आदर-विहीन जीवन व्यर्थ है।


दोहे:

(१) ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोए

अपना तन शीतल करे, औरन को सुख होय।

(२) पोथि पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोए

ढाई आखर प्रेम के, पढ़ा सो पंडित होए।

(३) बकरी पाती खात है, ताकि काठी खाल,

जो नर बकरी खात है, तिनको कौन हवाल।

 

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पाठ के आँगन में :

 

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

कौआ और कोकिल में समानता तथा अंतर :

समानता

अंतर

कवि की दृष्टि से

कौआ

 

 

 

कोकिल

 

 

 


उत्तर:

समानता

अंतर

कवि की दृष्टि से

कौआ

काला रंग

कौए की वाणी कर्कश होती है।

अपवित्र

कोकिल

काला रंग

कोकिल की वाणी मधुर होती है।

सुहावनी


(ख) कवि की दृष्टि से मित्र की परिभाषा-

उत्तर:

(१) स्वार्थरहित प्रेम

(२) साथ देने वाला

(३) धन से कोई मतलब नहीं

(४) धोखा न देने वाला

 

प्रश्न ग. आकृति

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2. कविता में प्रयुक्त तत्सम, तद्भव, देशज शब्दों का चयन करके उनका वर्गीकरण कीजिए तथा पाँच शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:


तत्सम शब्द

·       नर

·       काग

·       कोकिल

·       चित्त

·       नाव


तद्भव शब्द

·       गाँठ

·       काज

·       हँसी

·       हाथ

·       आगे

·       दिन


देशज शब्द

·       ठाकुर

·       उधार

·       झूठा


निर्देश: छात्र स्वयं किन्हीं पाँच शब्दों का वाक्य में प्रयोग करेंगे।

 

3. कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


च.ऋण लेते समय ……………….
छ.ऋण लौटाते समय ……………..


उत्तर:

(च) ऋण लेते समय

मीठे वचन बोलना, झुठ बोलना।


(छ) ऋण लौटाते समय

मारने दौडना, रूठना, कागज को झूठा बताना।


रचना बोध
            यहाँ कुंडलियों के माध्यम से विविध नैतिक व सामाजिक सद्गुणों को अपनाने की बात की गई है।


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